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mahabharat 6.121.8: सैकड़ों राजाओं से भरी हुई और भीष्म से सुशोभित वह तेजस्वी भरतवंशी सभा उस युद्धभूमि में आकाश में सूर्य के समान शोभायमान होने लगी॥8॥   |   mahabharat अध्याय 6.121: अर्जुनका दिव्य जल प्रकट करके भीष्मजीकी प्यास बुझाना तथा भीष्मजीका अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए दुर्योधनको संधिके लिये समझाना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 121: अर्जुनका दिव्य जल प्रकट करके भीष्मजीकी प्यास बुझाना तथा भीष्मजीका अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए दुर्योधनको संधिके लिये समझाना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.121.8 
सा पार्थिवशताकीर्णा समितिर्भीष्मशोभिता।
शुशुभे भारती दीप्ता दिवीवादित्यमण्डलम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
सैकड़ों राजाओं से भरी हुई और भीष्म से सुशोभित वह तेजस्वी भरतवंशी सभा उस युद्धभूमि में आकाश में सूर्य के समान शोभायमान होने लगी॥8॥
 
That resplendent assembly of the Bharatas, filled with hundreds of kings and adorned with Bhishma, began to grace that battlefield like the sun in the sky. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)