Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.121.37: दुर्योधन का मन पीला पड़ गया है, वह अचेत हो रहा है; इसीलिए उसे हमारी बातों पर विश्वास नहीं हो रहा। वह शास्त्रों की मर्यादा का उल्लंघन कर रहा है। इसीलिए वह भीमसेन के बल से पराजित होकर मारा जाएगा और युद्धभूमि में दीर्घकाल तक सोता रहेगा।॥37॥ | mahabharat अध्याय 6.121: अर्जुनका दिव्य जल प्रकट करके भीष्मजीकी प्यास बुझाना तथा भीष्मजीका अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए दुर्योधनको संधिके लिये समझाना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परीतबुद्धिर्हि विसंज्ञकल्पो
दुर्योधनो न च तच्छ्रद्दधाति।
स शेष्यते वै निहतश्चिराय
शास्त्रातिगो भीमबलाभिभूत:॥ ३७॥
अनुवाद
दुर्योधन का मन पीला पड़ गया है, वह अचेत हो रहा है; इसीलिए उसे हमारी बातों पर विश्वास नहीं हो रहा। वह शास्त्रों की मर्यादा का उल्लंघन कर रहा है। इसीलिए वह भीमसेन के बल से पराजित होकर मारा जाएगा और युद्धभूमि में दीर्घकाल तक सोता रहेगा।॥37॥
‘Duryodhan's mind has turned pale, he is becoming unconscious; that is why he does not believe in our words. He is violating the rules of the scriptures. That is why he will be defeated by Bhimasena's strength and will be killed and will sleep for a long time on the battlefield.'॥ 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥