Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.121.35: समस्त तेजोमय वस्तुओं में सूर्य श्रेष्ठ है, समस्त पर्वतों में हिमालय श्रेष्ठ है, समस्त जातियों में ब्राह्मण श्रेष्ठ हैं और समस्त धनुर्धरों में आप श्रेष्ठ हैं॥ 35॥   |   mahabharat अध्याय 6.121: अर्जुनका दिव्य जल प्रकट करके भीष्मजीकी प्यास बुझाना तथा भीष्मजीका अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए दुर्योधनको संधिके लिये समझाना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 121: अर्जुनका दिव्य जल प्रकट करके भीष्मजीकी प्यास बुझाना तथा भीष्मजीका अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए दुर्योधनको संधिके लिये समझाना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  6.121.35 
आदित्यस्तेजसां श्रेष्ठो गिरीणां हिमवान् वर:।
जातीनां ब्राह्मण: श्रेष्ठ: श्रेष्ठस्त्वमसि धन्विनाम्॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
समस्त तेजोमय वस्तुओं में सूर्य श्रेष्ठ है, समस्त पर्वतों में हिमालय श्रेष्ठ है, समस्त जातियों में ब्राह्मण श्रेष्ठ हैं और समस्त धनुर्धरों में आप श्रेष्ठ हैं॥ 35॥
 
Of all the radiant objects the Sun is the best, amongst all the mountains the Himalayas are the greatest, amongst all the castes the Brahmins are the best and you are the best among all the archers.॥ 35॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)