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mahabharat 6.121.27-28h: अर्जुन का यह अद्भुत कार्य देखकर समस्त कौरव शीत से पीड़ित गायों के समान काँपने लगे।   |   mahabharat अध्याय 6.121: अर्जुनका दिव्य जल प्रकट करके भीष्मजीकी प्यास बुझाना तथा भीष्मजीका अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए दुर्योधनको संधिके लिये समझाना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 121: अर्जुनका दिव्य जल प्रकट करके भीष्मजीकी प्यास बुझाना तथा भीष्मजीका अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए दुर्योधनको संधिके लिये समझाना  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  6.121.27-28h 
तत् कर्म प्रेक्ष्य बीभत्सोरतिमानुषविक्रमम्॥ २७॥
सम्प्रावेपन्त कुरवो गाव: शीतार्दिता इव।
 
 
अनुवाद
अर्जुन का यह अद्भुत कार्य देखकर समस्त कौरव शीत से पीड़ित गायों के समान काँपने लगे।
 
Seeing Arjun's extraordinary deed, all the Kauravas began to tremble like cows tormented by cold. 27 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)