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mahabharat 6.121.12: राजन! तब वे क्षत्रिय योद्धा सब जगह से उत्तम भोजन सामग्री और शीतल जल से भरे हुए घड़े ले आए॥12॥   |   mahabharat अध्याय 6.121: अर्जुनका दिव्य जल प्रकट करके भीष्मजीकी प्यास बुझाना तथा भीष्मजीका अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए दुर्योधनको संधिके लिये समझाना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 121: अर्जुनका दिव्य जल प्रकट करके भीष्मजीकी प्यास बुझाना तथा भीष्मजीका अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए दुर्योधनको संधिके लिये समझाना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  6.121.12 
ततस्ते क्षत्रिया राजन्नुपाजह्रु: समन्तत:।
भक्ष्यानुच्चावचान् राजन् वारिकुम्भांश्च शीतलान्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
राजन! तब वे क्षत्रिय योद्धा सब जगह से उत्तम भोजन सामग्री और शीतल जल से भरे हुए घड़े ले आए॥12॥
 
Rajan! Then those Kshatriya warriors brought the best food items and pitchers filled with cold water from everywhere. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)