vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 120: भीष्मजीकी महत्ता तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मको तकिया देना एवं उभय पक्षकी सेनाओंका अपने शिबिरमें जाना और श्रीकृष्ण-युधिष्ठिर-संवाद
»
श्लोक 59-60h
श्लोक
6.120.59-60h
तच्छ्रुत्वा वचनं तस्य पुत्रो दुर्योधनस्तव॥ ५९॥
वैद्यान् विसर्जयामास पूजयित्वा यथार्हत:।
अनुवाद
भीष्म के ये वचन सुनकर आपके पुत्र दुर्योधन ने वैद्यों का आदर करके उन्हें विदा कर दिया।
On hearing these words of Bhishma, your son Duryodhana gave due respect to the physicians and sent them away. 59 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×