श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 120: भीष्मजीकी महत्ता तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मको तकिया देना एवं उभय पक्षकी सेनाओंका अपने शिबिरमें जाना और श्रीकृष्ण-युधिष्ठिर-संवाद  »  श्लोक 55h
 
 
श्लोक  6.120.55h 
उपारमध्वं संग्रामाद् वैरमुत्सृज्य पार्थिवा:।
 
 
अनुवाद
‘राजाओं! अब आप सब लोग अपना बैर-भाव त्याग दें और युद्ध करना बंद कर दें।’
 
‘Kingsmen! Now you all should give up your enmity and stop fighting.’
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)