श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 120: भीष्मजीकी महत्ता तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मको तकिया देना एवं उभय पक्षकी सेनाओंका अपने शिबिरमें जाना और श्रीकृष्ण-युधिष्ठिर-संवाद  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  6.120.51 
पश्यध्वमुपधानं मे पाण्डवेनाभिसंधितम्।
शिश्येऽहमस्यां शय्यायां यावदावर्तनं रवे:॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
पाण्डुपुत्र अर्जुन ने मेरे सिर के नीचे यह तकिया रखा है, आप सब इसे देखिये। जब तक सूर्य उत्तरायण नहीं हो जाता, मैं इसी शय्या पर सोऊँगा। ॥51॥
 
Pandu son Arjuna has placed this pillow under my head, you all should see it. I will sleep on this bed until the Sun returns to Uttarayan. ॥ 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)