Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.120.5: हे उत्तम व्रतों का पालन करने वाले संजय! जब विजय की इच्छा रखने वाले कुरुवंश के सिंह भीष्म युद्ध में मारे गए, तब उन्होंने और कौन-कौन से प्रयत्न किए? वे सब मुझे बताओ।॥5॥   |   mahabharat अध्याय 6.120: भीष्मजीकी महत्ता तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मको तकिया देना एवं उभय पक्षकी सेनाओंका अपने शिबिरमें जाना और श्रीकृष्ण-युधिष्ठिर-संवाद   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 120: भीष्मजीकी महत्ता तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मको तकिया देना एवं उभय पक्षकी सेनाओंका अपने शिबिरमें जाना और श्रीकृष्ण-युधिष्ठिर-संवाद  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  6.120.5 
यदन्यन्निहतेनाजौ भीष्मेण जयमिच्छता।
चेष्टितं कुरुसिंहेन तन्मे कथय सुव्रत॥ ५॥
 
 
अनुवाद
हे उत्तम व्रतों का पालन करने वाले संजय! जब विजय की इच्छा रखने वाले कुरुवंश के सिंह भीष्म युद्ध में मारे गए, तब उन्होंने और कौन-कौन से प्रयत्न किए? वे सब मुझे बताओ।॥5॥
 
O Sanjaya, the one who observes the best vows! When Bhishma, the lion of the Kuru clan, who desired victory, was killed in the war, what other efforts did he make? Tell me all of them. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)