श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 120: भीष्मजीकी महत्ता तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मको तकिया देना एवं उभय पक्षकी सेनाओंका अपने शिबिरमें जाना और श्रीकृष्ण-युधिष्ठिर-संवाद  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  6.120.49 
एवमेव महाबाहो धर्मेषु परितिष्ठता।
स्वप्तव्यं क्षत्रियेणाजौ शरतल्पगतेन वै॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो! जो क्षत्रिय अपने धर्म में दृढ़ रहते हैं, उन्हें युद्धभूमि में इसी प्रकार बाँस के बिस्तर पर सोना चाहिए।
 
Mahabaho! Kshatriyas who remain steadfast in their dharma should sleep on a bed of bamboo in the same manner in the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)