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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 120: भीष्मजीकी महत्ता तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मको तकिया देना एवं उभय पक्षकी सेनाओंका अपने शिबिरमें जाना और श्रीकृष्ण-युधिष्ठिर-संवाद
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श्लोक 41
श्लोक
6.120.41
तमब्रवीच्छान्तनव: शिरो मे तात लम्बते।
उपधानं कुरुश्रेष्ठ फाल्गुनोपदधत्स्व मे॥ ४१॥
अनुवाद
तब शान्तनु नन्दन ने उनसे कहा- 'पिताजी! मेरा सिर नीचे लटक रहा है। हे कुरुश्रेष्ठ फाल्गुन! कृपया मेरे लिए तकिया लगा दीजिए।॥ 41॥
Then Shantanu Nandan said to him- 'My father, my head is hanging down. O best of the Kurus, Phalguna, please put a pillow for me.॥ 41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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