श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 120: भीष्मजीकी महत्ता तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मको तकिया देना एवं उभय पक्षकी सेनाओंका अपने शिबिरमें जाना और श्रीकृष्ण-युधिष्ठिर-संवाद  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  6.120.36 
अथाब्रवीन्नरव्याघ्र: प्रहसन्निव तान् नृपान्।
नैतानि वीरशय्यासु युक्तरूपाणि पार्थिवा:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् पुरुषसिंह भीष्म ने हँसकर उन राजाओं से कहा - 'भूमिपालो! ये तकिये वीरशय्या के योग्य नहीं हैं ॥36॥
 
Thereafter, Purushasingh Bhishma laughingly said to those kings – ‘Bhoomipalo! These pillows are not suitable for Veerashaya. 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)