श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 120: भीष्मजीकी महत्ता तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मको तकिया देना एवं उभय पक्षकी सेनाओंका अपने शिबिरमें जाना और श्रीकृष्ण-युधिष्ठिर-संवाद  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  6.120.33 
स्वागतं वो महाभागा: स्वागतं वो महारथा:।
तुष्यामि दर्शनाच्चाहं युष्माकममरोपमा:॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
हे महान् राजाओं! आप सबका स्वागत है। हे देवताओं के समान महान् योद्धाओं! आप सबका स्वागत है। मैं आपके दर्शन से अत्यन्त संतुष्ट हूँ।॥33॥
 
‘Great kings! You are all welcome. O great warriors like gods! You are all welcome. I am very satisfied with your darshan.’॥ 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)