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mahabharat 6.120.30: तत्पश्चात् लाखों योद्धा युद्ध से निवृत्त होकर महात्मा भीष्म के पास आये, जैसे देवतागण प्रजापति की सेवा में उपस्थित होते हैं ॥30॥   |   mahabharat अध्याय 6.120: भीष्मजीकी महत्ता तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मको तकिया देना एवं उभय पक्षकी सेनाओंका अपने शिबिरमें जाना और श्रीकृष्ण-युधिष्ठिर-संवाद   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 120: भीष्मजीकी महत्ता तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मको तकिया देना एवं उभय पक्षकी सेनाओंका अपने शिबिरमें जाना और श्रीकृष्ण-युधिष्ठिर-संवाद  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  6.120.30 
व्युपरम्य ततो युद्धाद् योधा: शतसहस्रश:।
उपतस्थुर्महात्मानं प्रजापतिमिवामरा:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् लाखों योद्धा युद्ध से निवृत्त होकर महात्मा भीष्म के पास आये, जैसे देवतागण प्रजापति की सेवा में उपस्थित होते हैं ॥30॥
 
Thereafter, millions of warriors, retiring from battle, came to the great soul Bhishma, just as the gods present themselves in the service of Prajapati. ॥ 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)