Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.120.3: मेरे विचार से इससे अधिक दुःख की बात और क्या हो सकती है कि मैं अपने चाचा भीष्म की मृत्यु का समाचार सुनकर भी आज जीवित हूँ। मेरी बुद्धि बहुत दुर्बल है।॥3॥ | mahabharat अध्याय 6.120: भीष्मजीकी महत्ता तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मको तकिया देना एवं उभय पक्षकी सेनाओंका अपने शिबिरमें जाना और श्रीकृष्ण-युधिष्ठिर-संवाद । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मेरे विचार से इससे अधिक दुःख की बात और क्या हो सकती है कि मैं अपने चाचा भीष्म की मृत्यु का समाचार सुनकर भी आज जीवित हूँ। मेरी बुद्धि बहुत दुर्बल है।॥3॥
In my opinion, what can be more saddening than the fact that I am still alive today after hearing the news of my uncle Bhishma's death. My intellect is very weak. ॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥