vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 120: भीष्मजीकी महत्ता तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मको तकिया देना एवं उभय पक्षकी सेनाओंका अपने शिबिरमें जाना और श्रीकृष्ण-युधिष्ठिर-संवाद
»
श्लोक 27
श्लोक
6.120.27
स संज्ञामुपलभ्याशु भारद्वाज: प्रतापवान्।
निवारयामास तदा स्वान्यनीकानि मारिष॥ २७॥
अनुवाद
आर्य! सावधान होकर महाबली द्रोणाचार्य ने तुरन्त ही अपनी सेनाओं को युद्ध करने से रोक दिया।
Arya! On becoming alert, the mighty Dronacharya immediately stopped his armies from fighting. 27.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×