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श्लोक  6.120.27 
स संज्ञामुपलभ्याशु भारद्वाज: प्रतापवान्।
निवारयामास तदा स्वान्यनीकानि मारिष॥ २७॥
 
 
अनुवाद
आर्य! सावधान होकर महाबली द्रोणाचार्य ने तुरन्त ही अपनी सेनाओं को युद्ध करने से रोक दिया।
 
Arya! On becoming alert, the mighty Dronacharya immediately stopped his armies from fighting. 27.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)