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श्लोक  6.120.25 
तमायान्तमभिप्रेक्ष्य कुरव: पर्यवारयन्।
दु:शासनं महाराज किमयं वक्ष्यतीति च॥ २५॥
 
 
अनुवाद
महाराज! दु:शासन को आते देख सभी कौरव सैनिकों ने उसे चारों ओर से घेर लिया, यह देखने के लिए कि वह क्या कहता है।
 
Maharaj! On seeing Dushasan coming, all the Kaurava soldiers surrounded him from all sides to see what he would say.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)