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mahabharat 6.120.16: आर्य! जब भरतवंशी पितामह शान्तनुनन्दन भीष्म मारे गए, तब आपके पुत्र कुछ भी सोच पाने में असमर्थ हो गए॥16॥   |   mahabharat अध्याय 6.120: भीष्मजीकी महत्ता तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मको तकिया देना एवं उभय पक्षकी सेनाओंका अपने शिबिरमें जाना और श्रीकृष्ण-युधिष्ठिर-संवाद   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.120.16 
हते शान्तनवे भीष्मे भरतानां पितामहे।
न किंचित् प्रत्यपद्यन्त पुत्रास्तव हि मारिष॥ १६॥
 
 
अनुवाद
आर्य! जब भरतवंशी पितामह शान्तनुनन्दन भीष्म मारे गए, तब आपके पुत्र कुछ भी सोच पाने में असमर्थ हो गए॥16॥
 
Arya! When the grandfather of the Bharat dynasty, Shantanu Nandan Bhishma, was killed, your sons were unable to think of anything. ॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)