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श्लोक  6.120.10 
सीमावृक्षे निपतिते कुरूणां समितिंजये।
सेनयोरुभयो राजन् क्षत्रियान् भयमाविशत्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
महाराज! कुरुवंश के विजयी योद्धा भीष्म दोनों सेनाओं के लिए सीमा-वृक्ष के समान थे। उनके गिरते ही दोनों सेनाओं के क्षत्रिय भय से भर गए।
 
King! The victorious warrior Bhishma of the Kuru clan was like a border tree for both the armies. When he fell, the Kshatriyas in the armies of both the armies were filled with fear.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)