श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 12: कुश, क्रौंच और पुष्कर आदि द्वीपोंका तथा राहु, सूर्य एवं चन्द्रमाके प्रमाणका वर्णन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.12.7 
क्रौञ्चद्वीपे महाक्रौञ्चो गिरी रत्नचयाकर:।
सम्पूज्यते महाराज चातुर्वर्ण्येन नित्यदा॥ ७॥
 
 
अनुवाद
क्रौंच द्वीप में महाक्रौंच नामक एक महान पर्वत है, जो रत्नों की खान है। महाराज! वहाँ चारों वर्णों के लोग सदैव उसकी पूजा करते हैं।
 
In the island of Krauncha there is a great mountain called Mahakrauncha which is a mine of gems. Maharaj! People of all the four castes always worship it there. 7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)