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श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 12: कुश, क्रौंच और पुष्कर आदि द्वीपोंका तथा राहु, सूर्य एवं चन्द्रमाके प्रमाणका वर्णन  »  श्लोक 48-49h
 
 
श्लोक  6.12.48-49h 
यथोद्दिष्टं मया प्रोक्तं सनिर्माणमिदं जगत्॥ ४८॥
तस्मादाश्वस कौरव्य पुत्रं दुर्योधनं प्रति।
 
 
अनुवाद
इस जगत् का स्वरूप क्या है और इसकी रचना किस प्रकार हुई है, यह सब बातें मैंने शास्त्रविधि से कह दी हैं; अतः कुरुनन्दन! आप अपने पुत्र दुर्योधन की ओर से निश्चिंत रहें। 48 1/2॥
 
What is the nature of this world and how it was created, I have told all these things in the manner prescribed by the scriptures; So Kurunandan! You remain rest assured on behalf of your son Duryodhana. 48 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)