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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 12: कुश, क्रौंच और पुष्कर आदि द्वीपोंका तथा राहु, सूर्य एवं चन्द्रमाके प्रमाणका वर्णन
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श्लोक 42
श्लोक
6.12.42
षष्टिमाहु: शतान्यस्य बुधा: पौराणिकास्तथा।
चन्द्रमास्तु सहस्राणि राजन्नेकादश स्मृत:॥ ४२॥
अनुवाद
प्राचीन विद्वानों का कथन है कि इसकी मोटाई छह हजार योजन है। हे राजन! चंद्रमा का व्यास ग्यारह हजार योजन है। 42.
The ancient scholars say that its thickness is six thousand yojanas. O King! The diameter of the moon is eleven thousand yojanas. 42.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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