श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 12: कुश, क्रौंच और पुष्कर आदि द्वीपोंका तथा राहु, सूर्य एवं चन्द्रमाके प्रमाणका वर्णन  »  श्लोक 38-39h
 
 
श्लोक  6.12.38-39h 
धृतराष्ट्र उवाच
परो वै विस्तरोऽत्यर्थं त्वया संजय कीर्तित:॥ ३८॥
दर्शितं द्वीपसंस्थानमुत्तरं ब्रूहि संजय।
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र बोले - संजय! तुमने द्वीपों की स्थिति का बहुत विस्तार से वर्णन कर दिया है। अब जो अंतिम बात शेष रह गई है, वह है सूर्य, चन्द्रमा और राहु का प्रमाण।
 
Dhritarashtra said - Sanjay! You have described the position of the islands in great detail. Now the last thing that remains to be described is the evidence of the Sun, Moon and Rahu. 38 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)