Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.12.26-28h: जम्बूद्वीप से अन्य सभी द्वीपों में वहाँ के लोगों के उपयोग के लिए अनेक प्रकार के रत्न भेजे जाते हैं। कुरुश्रेष्ठ! ब्रह्मचर्य, सत्य और इन्द्रिय संयम के प्रभाव से उन सभी द्वीपों के लोगों का स्वास्थ्य और आयु जम्बूद्वीप की अपेक्षा उत्तरोत्तर दूनी मानी गई है। | mahabharat अध्याय 6.12: कुश, क्रौंच और पुष्कर आदि द्वीपोंका तथा राहु, सूर्य एवं चन्द्रमाके प्रमाणका वर्णन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जम्बूद्वीप से अन्य सभी द्वीपों में वहाँ के लोगों के उपयोग के लिए अनेक प्रकार के रत्न भेजे जाते हैं। कुरुश्रेष्ठ! ब्रह्मचर्य, सत्य और इन्द्रिय संयम के प्रभाव से उन सभी द्वीपों के लोगों का स्वास्थ्य और आयु जम्बूद्वीप की अपेक्षा उत्तरोत्तर दूनी मानी गई है।
Many types of gems are sent from Jambudvipa to all the other islands for the use of the people there. Kurushrestha! Due to the influence of celibacy, truth and restraint of senses, the health and age of the people of all those islands have been considered to be progressively double that of Jambudweep.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥