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mahabharat 6.12.22: ताप के बाद आवरण का उल्लेख किया गया है, आवरण के बाद अंधकार का उल्लेख किया गया है और अंधकार के बाद मुनियों के लिए उत्तम दिशाएँ बताई गई हैं ॥22॥   |   mahabharat अध्याय 6.12: कुश, क्रौंच और पुष्कर आदि द्वीपोंका तथा राहु, सूर्य एवं चन्द्रमाके प्रमाणका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 12: कुश, क्रौंच और पुष्कर आदि द्वीपोंका तथा राहु, सूर्य एवं चन्द्रमाके प्रमाणका वर्णन  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  6.12.22 
उष्णात् पर: प्रावरक: प्रावारादन्धकारक:।
अन्धकारकदेशात् तु मुनिदेश: पर: स्मृत:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
ताप के बाद आवरण का उल्लेख किया गया है, आवरण के बाद अंधकार का उल्लेख किया गया है और अंधकार के बाद मुनियों के लिए उत्तम दिशाएँ बताई गई हैं ॥22॥
 
After the heat, the covering has been mentioned, after the covering, the darkness has been mentioned and after the darkness, the best directions for sages have been mentioned. ॥22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)