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mahabharat 6.12.20: हे कुरुवंश की वृद्धि करने वाले राजन! इन पर्वतों के बीच का क्षेत्र क्रमशः दुगुना हो गया है। मैं तुम्हें इनके बीच स्थित देशों का परिचय देता हूँ; कृपया सुनो।   |   mahabharat अध्याय 6.12: कुश, क्रौंच और पुष्कर आदि द्वीपोंका तथा राहु, सूर्य एवं चन्द्रमाके प्रमाणका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.12.20 
परस्तु द्विगुणस्तेषां विष्कम्भो वंशवर्धन।
देशांस्तत्र प्रवक्ष्यामि तन्मे निगदत: शृणु॥ २०॥
 
 
अनुवाद
हे कुरुवंश की वृद्धि करने वाले राजन! इन पर्वतों के बीच का क्षेत्र क्रमशः दुगुना हो गया है। मैं तुम्हें इनके बीच स्थित देशों का परिचय देता हूँ; कृपया सुनो।
 
O King, who has increased the Kuru dynasty! The area between these mountains has gradually doubled. I will introduce you to the countries that are located in them; please listen.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)