श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 12: कुश, क्रौंच और पुष्कर आदि द्वीपोंका तथा राहु, सूर्य एवं चन्द्रमाके प्रमाणका वर्णन  »  श्लोक 18-19
 
 
श्लोक  6.12.18-19 
क्रौञ्चात् परो वामनको वामनादन्धकारक:।
अन्धकारात् परो राजन् मैनाक: पर्वतोत्तम:॥ १८॥
मैनाकात् परतो राजन् गोविन्दो गिरिरुत्तम:।
गोविन्दात् परतो राजन् निबिडो नाम पर्वत:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
राजा! क्रौंच के बाद वामन पर्वत है, वामन के बाद अंधकार है और अंधकार के बाद मैनाक नामक श्रेष्ठ पर्वत है। प्रभु! मैनाक के बाद श्रेष्ठ गोविंद गिरि हैं। गोविंद के बाद निबिड़ नामक पर्वत है। 18-19।
 
King! After Krauncha is Vaman mountain, after Vaman is darkness and after darkness is the best mountain called Mainak. Prabhu! After Mainak is the best Govind Giri. After Govind is the mountain called Nibid. 18-19.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)