Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.12.10-11: कौरव्य! कुमुद नामक एक तीसरा पर्वत है, जो अत्यंत उज्ज्वल है। चौथा पुष्पवान्, पाँचवाँ कुशेशाय और छठा हरिगिरि है। ये छहों कुशद्वीप के श्रेष्ठ पर्वत हैं। 10-11॥ | mahabharat अध्याय 6.12: कुश, क्रौंच और पुष्कर आदि द्वीपोंका तथा राहु, सूर्य एवं चन्द्रमाके प्रमाणका वर्णन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्युतिमान् नाम कौरव्य तृतीय: कुमुदो गिरि:॥ १०॥
चतुर्थ: पुष्पवान् नाम पञ्चमस्तु कुशेशय:।
षष्ठो हरिगिरिर्नाम षडेते पर्वतोत्तमा:॥ ११॥
अनुवाद
कौरव्य! कुमुद नामक एक तीसरा पर्वत है, जो अत्यंत उज्ज्वल है। चौथा पुष्पवान्, पाँचवाँ कुशेशाय और छठा हरिगिरि है। ये छहों कुशद्वीप के श्रेष्ठ पर्वत हैं। 10-11॥
Kauravya! There is a third mountain named Kumud, which is extremely bright. The fourth is Pushpavan, the fifth is Kusheshaya and the sixth is Harigiri. These six are the best mountains of Kushdweep. 10-11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥