श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना  »  श्लोक d3-d4
 
 
श्लोक  6.119.d3-d4 
(तथा च तव सैन्यानि तापयामासुरोजसा।
शरैरशनिसंकाशै: पाण्डवाश्चेतरे नृपा:॥
तत्राद्भुतमपश्याम पाण्डवानां पराक्रमम्।
द्रावयामासुरिषुभि: सर्वान् भीष्मपदानुगान्॥ )
 
 
अनुवाद
पाण्डवों आदि राजाओं ने आपकी सेनाओं को अपने वज्र के समान बाणों से पीड़ित कर दिया। वहाँ हमने पाण्डवों का अद्भुत पराक्रम देखा, जिन्होंने बाणों की वर्षा से भीष्म के अनुगामी समस्त योद्धाओं को मार डाला।
 
The Pandavas and other kings afflicted your armies with their thunderbolt-like arrows. There we saw the wonderful prowess of the Pandavas, who, with their shower of arrows, killed all the warriors who were following Bhishma.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)