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mahabharat 6.119.89-90h: महाराज! पितामह भीष्म को रथ से गिरते देख हम सबका हृदय भी उनके साथ ही गिर गया।   |   mahabharat अध्याय 6.119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना  »  श्लोक 89-90h
 
 
श्लोक  6.119.89-90h 
सम्पतन्तमभिप्रेक्ष्य महात्मानं पितामहम्॥ ८९॥
सह भीष्मेण सर्वेषां प्रापतन् हृदयानि न:।
 
 
अनुवाद
महाराज! पितामह भीष्म को रथ से गिरते देख हम सबका हृदय भी उनके साथ ही गिर गया।
 
Maharaj! Seeing the great grandfather Bhishma falling from the chariot, the hearts of all of us also fell along with him. 89 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)