श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना  »  श्लोक 80-81h
 
 
श्लोक  6.119.80-81h 
वयं श्वेतहयाद् भीता: कुन्तीपुत्राद् धनंजयात्॥ ८०॥
पीडॺमाना: शितै: शस्त्रै: प्राद्रवाम रणे तदा।
 
 
अनुवाद
राजन! उस समय श्वेत वाहनधारी कुन्तीपुत्र धनंजय के भय से हम सब उसके तीखे शस्त्रों से घायल होकर युद्धभूमि से भागने लगे।
 
King! At that time, fearing the white-vehicled Dhananjaya, son of Kunti, we all started fleeing from the battlefield after being hit by his sharp weapons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)