श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना  »  श्लोक 7-8h
 
 
श्लोक  6.119.7-8h 
विवृत्य रथसङ्घानामन्तरेण विनि:सृत:॥ ७॥
दृश्यते स्म नरेन्द्राणां पुनर्मध्यगतश्चरन्।
 
 
अनुवाद
पितामह भीष्म एक ही क्षण में रथ की पंक्ति तोड़कर घेरे से बाहर निकल आते और पुनः राजा की सेना के मध्य में प्रवेश कर जाते और वहीं विचरण करते हुए दिखाई देते।
 
Grandfather Bhishma would, in a single moment, break the line of the chariot and come out of the circle and then again enter the centre of the king's army and was seen roaming there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)