श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना  »  श्लोक 58-59h
 
 
श्लोक  6.119.58-59h 
एवं तयो: संवदतो: फाल्गुनो निशितै: शरै:॥ ५८॥
शिखण्डिनं पुरस्कृत्य भीष्मं विव्याध संयुगे।
 
 
अनुवाद
जब दु:शासन और भीष्म इस प्रकार बातचीत कर रहे थे, तब अर्जुन ने शिखंडी को युद्धभूमि में आगे भेजा और अपने तीखे बाणों से भीष्म को घायल कर दिया।
 
While Dushasan and Bhishma were conversing like this, Arjuna sent Shikhandi forward on the battlefield and wounded Bhishma with his sharp arrows. 58 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)