Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.119.53-54h: उस महायुद्ध में भीष्म जो भी धनुष हाथ में लेते, कुंतीपुत्र अर्जुन उसे क्षण भर में आधा काट डालते। इस प्रकार उन्होंने युद्धभूमि में उनके अनेक धनुष तोड़ डाले। | mahabharat अध्याय 6.119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस महायुद्ध में भीष्म जो भी धनुष हाथ में लेते, कुंतीपुत्र अर्जुन उसे क्षण भर में आधा काट डालते। इस प्रकार उन्होंने युद्धभूमि में उनके अनेक धनुष तोड़ डाले।
In that great war, whatever bow Bhishma took in his hand, Kunti's son Arjuna would cut it in half a moment. In this way he broke many of his bows in the battlefield. 53 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥