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mahabharat 6.119.39: आर्य! देवताओं के नगाड़े जोर-जोर से बजने लगे। भीष्म पर पुष्पवर्षा होने लगी। 39।   |   mahabharat अध्याय 6.119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  6.119.39 
देवदुन्दुभयश्चैव सम्प्रणेदुर्महास्वना:।
पपात पुष्पवृष्टिश्च भीष्मस्योपरि मारिष॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
आर्य! देवताओं के नगाड़े जोर-जोर से बजने लगे। भीष्म पर पुष्पवर्षा होने लगी। 39।
 
Arya! The drums of the gods started playing loudly. Flowers started raining on Bhishma. 39.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)