vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना
»
श्लोक 30-31h
श्लोक
6.119.30-31h
सा पपात तथा च्छिन्ना संक्रुद्धेन किरीटिना॥ ३०॥
मेघवृन्दपरिभ्रष्टा विच्छिन्नेव शतह्रदा।
अनुवाद
क्रोधित अर्जुन द्वारा काटी गई वह शक्ति मेघ से छूटकर बिजली के समान पृथ्वी पर गिर पड़ी।
That Shakti, cut by the angry Arjuna, was released from a cloud and fell on the earth like a falling lightning. 30 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×