Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.119.22-23h: हे भारतभूषण! उनका भयंकर युद्ध देवताओं और दानवों के बीच होने वाले युद्ध के समान रोंगटे खड़े कर देने वाला था।   |   mahabharat अध्याय 6.119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  6.119.22-23h 
तेषां समभवद् युद्धं तुमुलं लोमहर्षणम्॥ २२॥
संग्रामे भरतश्रेष्ठ देवानां दानवैरिव।
 
 
अनुवाद
हे भारतभूषण! उनका भयंकर युद्ध देवताओं और दानवों के बीच होने वाले युद्ध के समान रोंगटे खड़े कर देने वाला था।
 
O Bharat Bhushan! Their fierce battle was as hair-raising as a war between gods and demons. 22 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)