श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना  »  श्लोक 20-22h
 
 
श्लोक  6.119.20-22h 
सात्यकिर्भीमसेनश्च धृष्टद्युम्नश्च पार्षत:॥ २०॥
विराटद्रुपदौ चोभौ राक्षसश्च घटोत्कच:।
अभिमन्युश्च संक्रुद्ध: सप्तैते क्रोधमूर्च्छिता:॥ २१॥
समभ्यधावंस्त्वरिताश्चित्रकार्मुकधारिण:।
 
 
अनुवाद
सात्यकि, भीमसेन, द्रुपद कुमार धृष्टद्युम्न, विराट, द्रुपद, राक्षस घटोत्कच और अभिमन्यु - ये सातों वीर क्रोध से मूर्छित होकर विचित्र धनुष लिये तुरंत वहाँ दौड़ पड़े। 20-21 1/2॥
 
Satyaki, Bhimsen, Drupada Kumar Dhrishtadyumna, Virata, Drupada, Rakshasa Ghatotkacha and Abhimanyu - these seven heroes, unconscious with anger, immediately ran there holding strange bows. 20-21 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)