Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.119.2-4h: सृंजय के समस्त योद्धा एक साथ मिलकर शतघ्नी, परिघ, फरसे, मुद्गर, मूसल, प्रास, गोफन, स्वर्ण पंख वाले बाण, शक्ति, तोमर, कम्पन, नाराच, वत्सदन्त और भुशुण्डि आदि अस्त्रों से युद्धस्थल में भीष्म को सब ओर से पीड़ा पहुँचाने लगे॥2-3 1/2॥ | mahabharat अध्याय 6.119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सृंजय के समस्त योद्धा एक साथ मिलकर शतघ्नी, परिघ, फरसे, मुद्गर, मूसल, प्रास, गोफन, स्वर्ण पंख वाले बाण, शक्ति, तोमर, कम्पन, नाराच, वत्सदन्त और भुशुण्डि आदि अस्त्रों से युद्धस्थल में भीष्म को सब ओर से पीड़ा पहुँचाने लगे॥2-3 1/2॥
All the warriors of Srinjay united together and started tormenting Bhishma from all sides on the battlefield with weapons like Shataghni, Parigha, Axe, Mudgar, Musal, Prasa, Sling, Golden feathered arrows, Shakti, Tomar, Kampan, Narach, Vatsadant and Bhusundi etc. 2-3 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥