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mahabharat 6.119.19-20h: उस भयंकर ध्वनि को सुनकर महाबली पाण्डव योद्धा अर्जुन की रक्षा के लिए दौड़े।   |   mahabharat अध्याय 6.119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  6.119.19-20h 
तं शब्दं तुमुलं श्रुत्वा पाण्डवानां महारथा:॥ १९॥
अभ्यधावन् परीप्सन्त: फाल्गुनं भरतर्षभ।
 
 
अनुवाद
उस भयंकर ध्वनि को सुनकर महाबली पाण्डव योद्धा अर्जुन की रक्षा के लिए दौड़े।
 
On hearing that terrifying sound, the mighty Pandava warriors ran to protect Arjuna. 19 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)