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mahabharat 6.119.14-17h: भीष्म के धनुष का कटना कौरव योद्धा सहन न कर सके। द्रोण, कृतवर्मा, सिन्धुराज जयद्रथ, भूरिश्रवा, शल, शल्य और भगदत्त - ये सात महारथी अत्यन्त क्रोधित होकर किरीटधारी अर्जुन की ओर दौड़े और अपने दिव्यास्त्रों का प्रदर्शन करते हुए पाण्डु नन्दन बड़े क्रोध से अर्जुन को बाणों से आच्छादित करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 6.119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना  »  श्लोक 14-17h
 
 
श्लोक  6.119.14-17h 
भीष्मस्य धनुषश्छेदं नामृष्यन्त महारथा:॥ १४॥
द्रोणश्च कृतवर्मा च सैन्धवश्च जयद्रथ:।
भूरिश्रवा: शल: शल्यो भगदत्तस्तथैव च॥ १५॥
सप्तैते परमक्रुद्धा: किरीटिनमभिद्रुता:।
तत्र शस्त्राणि दिव्यानि दर्शयन्तो महारथा:॥ १६॥
अभिपेतुर्भृशं क्रुद्धाश्छादयन्तश्च पाण्डवम्।
 
 
अनुवाद
भीष्म के धनुष का कटना कौरव योद्धा सहन न कर सके। द्रोण, कृतवर्मा, सिन्धुराज जयद्रथ, भूरिश्रवा, शल, शल्य और भगदत्त - ये सात महारथी अत्यन्त क्रोधित होकर किरीटधारी अर्जुन की ओर दौड़े और अपने दिव्यास्त्रों का प्रदर्शन करते हुए पाण्डु नन्दन बड़े क्रोध से अर्जुन को बाणों से आच्छादित करने लगे।
 
The Kaurava warriors could not bear the cutting of Bhishma's bow. Drona, Kritavarma, Sindhuraj Jayadratha, Bhurishrava, Shala, Shalya and Bhagadatta - these seven great warriors became very angry and ran towards the crowned Arjuna and displaying their divine weapons, Pandu Nandan started covering Arjuna with arrows with great anger. 14—16 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)