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mahabharat 6.119.13-14h: तब किरीटधारी अर्जुन ने क्रोधित होकर शिखण्डी को आगे करके भीष्म पर आक्रमण किया और उनका धनुष काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 6.119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना  »  श्लोक 13-14h
 
 
श्लोक  6.119.13-14h 
तत: किरीटी संरब्धो भीष्ममेवाभ्यधावत॥ १३॥
शिखण्डिनं पुरस्कृत्य धनुश्चास्य समाच्छिनत्।
 
 
अनुवाद
तब किरीटधारी अर्जुन ने क्रोधित होकर शिखण्डी को आगे करके भीष्म पर आक्रमण किया और उनका धनुष काट डाला।
 
Then the crown-wearing Arjuna became enraged and attacked Bhishma with Shikhandi in the lead and cut off his bow. 13 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)