श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना  »  श्लोक 110-111h
 
 
श्लोक  6.119.110-111h 
तस्मिन् हते महासत्त्वे भरतानां पितामहे॥ ११०॥
न किंचित् प्रत्यपद्यन्त पुत्रास्ते भरतर्षभ।
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! भरतवंशी पितामह महाबली भीष्म के मारे जाने पर आपके पुत्र कुछ भी नहीं सोच सके ॥110 1/2॥
 
Bharatshrestha! Your sons could not think of anything when that great and powerful Bhishma, the father of Bharatvanshi, was killed. 110 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)