श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना  »  श्लोक 11-12h
 
 
श्लोक  6.119.11-12h 
तस्य ते निशितान् बाणान् संनिवार्य महारथा:॥ ११॥
दशभिर्दशभिर्भीष्ममर्दयामासुरोजसा।
 
 
अनुवाद
तब उन महारथियों ने भीष्म के उन तीखे बाणों को रोककर पुनः दस-दस बाणों द्वारा भीष्म को बलपूर्वक पीड़ा पहुँचाई।
 
Then those mighty warriors warded off those sharp arrows of Bhishma and again tormented Bhishma forcefully with ten arrows each. 11/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)