Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.119.103-104: भारत! हंसों को जाते देख परम बुद्धिमान भीष्म ने कुछ विचार करके उनसे कहा - 'जब तक सूर्य दक्षिणायन में है, तब तक मैं इस स्थान को नहीं छोडूंगा। यह मेरा दृढ़ निश्चय है।॥103-104॥ | mahabharat अध्याय 6.119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भारत! हंसों को जाते देख परम बुद्धिमान भीष्म ने कुछ विचार करके उनसे कहा - 'जब तक सूर्य दक्षिणायन में है, तब तक मैं इस स्थान को नहीं छोडूंगा। यह मेरा दृढ़ निश्चय है।॥103-104॥
Bharat! Seeing the swans going away, the very wise Bhishma after some thought said to them - 'I will not leave this place while the sun is in the southern direction. This is my firm decision.॥ 103-104॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥