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mahabharat 6.118.45-46h: उनके साथ सात्यकि, चेकितान, द्रुपद कुमार धृष्टद्युम्न, विराट, द्रुपद, माद्री कुमार पांडु के पुत्र नकुल और सहदेव ने भी युद्ध में भीष्म पर हमला कर दिया। वे सभी मजबूत धनुषधारी अर्जुन से सुरक्षित थे।   |   mahabharat अध्याय 6.118: भीष्मका अद्भुत पराक्रम करते हुए पाण्डव-सेनाका भीषण संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 118: भीष्मका अद्भुत पराक्रम करते हुए पाण्डव-सेनाका भीषण संहार  »  श्लोक 45-46h
 
 
श्लोक  6.118.45-46h 
सात्यकिश्चेकितानश्च धृष्टद्युम्नश्च पार्षत:।
विराटो द्रुपदश्चैव माद्रीपुत्रौ च पाण्डवौ॥ ४५॥
दुद्रुवुर्भीष्ममेवाजौ रक्षिता दृढधन्वना।
 
 
अनुवाद
उनके साथ सात्यकि, चेकितान, द्रुपद कुमार धृष्टद्युम्न, विराट, द्रुपद, माद्री कुमार पांडु के पुत्र नकुल और सहदेव ने भी युद्ध में भीष्म पर हमला कर दिया। वे सभी मजबूत धनुषधारी अर्जुन से सुरक्षित थे।
 
Along with them, Satyaki, Chekitana, Drupada Kumar Dhrishtadyumna, Virata, Drupada, Madri Kumar Pandu's sons Nakul and Sahadeva also attacked Bhishma in the war. All of them were safe from Arjuna who wielded a strong bow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)