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mahabharat 6.118.43: तब शिखण्डी अपने श्रेष्ठतम अस्त्र-शस्त्र लेकर बड़े वेग से भीष्म की ओर दौड़ा। उस समय किरीटधारी अर्जुन उसकी रक्षा कर रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 6.118: भीष्मका अद्भुत पराक्रम करते हुए पाण्डव-सेनाका भीषण संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 118: भीष्मका अद्भुत पराक्रम करते हुए पाण्डव-सेनाका भीषण संहार  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  6.118.43 
तत: शिखण्डी वेगेन प्रगृह्य परमायुधम्।
भीष्ममेवाभिदुद्राव रक्ष्यमाण: किरीटिना॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
तब शिखण्डी अपने श्रेष्ठतम अस्त्र-शस्त्र लेकर बड़े वेग से भीष्म की ओर दौड़ा। उस समय किरीटधारी अर्जुन उसकी रक्षा कर रहे थे।
 
Then Shikhandi rushed towards Bhishma with great speed, carrying his best weapons. At that time, Arjuna, who wore a crown, was protecting him. 43.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)