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mahabharat 6.118.35: हे अर्जुन! यह शान्तनुपुत्र भीष्म दोनों सेनाओं के मध्य में खड़ा है। यदि तुम उसे बलपूर्वक मार सको, तो तुम्हारी विजय होगी। 35.   |   mahabharat अध्याय 6.118: भीष्मका अद्भुत पराक्रम करते हुए पाण्डव-सेनाका भीषण संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 118: भीष्मका अद्भुत पराक्रम करते हुए पाण्डव-सेनाका भीषण संहार  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  6.118.35 
एष शान्तनवो भीष्म: सेनयोरन्तरे स्थित:।
संनिहत्य बलादेनं विजयस्ते भविष्यति॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
हे अर्जुन! यह शान्तनुपुत्र भीष्म दोनों सेनाओं के मध्य में खड़ा है। यदि तुम उसे बलपूर्वक मार सको, तो तुम्हारी विजय होगी। 35.
 
Arjuna! This Shantanu's son Bhishma is standing between the two armies. If you can kill him with force, you will be victorious. 35.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)