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mahabharat 6.118.34: उसको ऐसा पराक्रम करते देख मधु दैत्य का वध करने वाले भगवान श्रीकृष्ण ने प्रसन्नतापूर्वक अर्जुन से कहा- 34॥   |   mahabharat अध्याय 6.118: भीष्मका अद्भुत पराक्रम करते हुए पाण्डव-सेनाका भीषण संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 118: भीष्मका अद्भुत पराक्रम करते हुए पाण्डव-सेनाका भीषण संहार  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  6.118.34 
तथा चैनं पराक्रान्तमालोक्य मधुसूदन:।
उवाच देवकीपुत्र: प्रीयमाणो धनंजयम्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
उसको ऐसा पराक्रम करते देख मधु दैत्य का वध करने वाले भगवान श्रीकृष्ण ने प्रसन्नतापूर्वक अर्जुन से कहा- 34॥
 
Seeing him doing such bravery, Lord Krishna, the one who killed the demon Madhu, said to Arjun happily - 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)