श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना  »  श्लोक 64
 
 
श्लोक  6.117.64 
त्वरित: पाण्डवो राजन् मध्यम: श्वेतवाहन:।
निजघ्ने तावकं सैन्यं मोहयित्वा पितामहम्॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
राजन! इतने में ही श्वेत वाहन मध्यम पाण्डव अर्जुन ने पितामह भीष्म को तत्काल ही मूर्छित कर दिया और आपकी सेना का संहार करने लगे॥64॥
 
Rajan! Meanwhile, the middle Pandava Arjuna, the white vehicle, immediately made grandfather Bhishma unconscious and started killing your army. 64॥
 
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि संकुलयुद्धे सप्तदशाधिकशततमोऽध्याय:॥ ११७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें संकुलयुद्धविषयक एक सौ सत्रहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ११७॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)